Stories

Friday, 12 October 2018

बहाना







तुम जुदा हो जाओ

ना ठौर ठिकाना मिले

मुझे भी शायरी का

एक और बहाना मिले !



ᵠ  ᵠ  ᵠ  ᵠ
ᵠ  ᵠ  ᵠ 
ᵠ  ᵠ 
ᵠ 

No comments:

Post a Comment